असबाबे हिन्दुस्तान
प्रयागराज , निजी समाचार शिया वक़्फ बोर्ड की सदस्य डॉ०नुरुस हसन ने लखनऊ से प्रयागराज आते ही सबसे पहले वक़्फ सम्पत्तीयों के अभिलेखों की जाँच और आर्थिक स्रोतों की वस्तुस्थिति की जानकारी ली।आज चक स्थित शिया जामा मस्जिद से सम्बन्धित अभिलेखों मे दर्ज केरायादारी से सम्बन्धित आँकड़ो और मस्जिद क्षेत्र की वक़्फ ज़मीन पर बनी दूकानो से मिलने वाले केराए की जानकारी ली।चक शिया जामा मस्जिद के मुतावल्ली मेंहदी रज़ा ने वक़्फ बोर्ड की सदस्य नुरुस हसन को अवगता कराया की दूकानदार लगभग तीन से चार वर्षों से केराया नहीं दे रहे हैं वहीं ज़्यादातर केरायदार बहुत मामूली केराए पर दूकान पर कबज़ा जमाए हैं।डॉ नुरुस दूकानदारों से भी मिलीं और दूकान के केराए के रुप मे रुपये 86850 की वसूली करते हुए किराये के दर को निर्धारित कर दिया।
श्रीमती डॉ नुरुस हसन ने साफ शब्दों मे कहा वक़्फ की सम्पत्तीयों को किसी भी कीमत पर बंदर बाँट नहीं होने देंगे।उनहोने वक़्फ सम्पत्तियों पर क़ाबिज़ लोगों को सख्त निर्देशित करते हुए कहा हर हाल मे अपना अपना केराया समय पर जमा करें ।हम किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं करेंगे।उक्त अवसर पर मुतावल्ली मेंहदी रज़ा ,शिया जामा मस्जिद के कार्यकारिणी अध्यक्ष करार हुसैन ,सदस्य गण अरशद नक़वी ,इतरत नक़वी ,अख्तर हुसैन नजफी के साथ हैदर अब्बास नक़वी,हसन नक़वी समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
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